खातिया ग्राम में चल रही नकली शराब शराब फैक्ट्री पर रावणवाड़ी पुलिस की कार्रवाई 3 लाख की नकली देसी -विदेशी शराब सहित पांच आरोपी हिरासत में

बुलंद गोंदिया। गोंदिया जिला नकली शराब का गढ़ बन चुका है। इसके पूर्व भी अनेक देशी-विदेशी नकली शराब की फैक्ट्रियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
किंतु नकली शराब का निर्माण जिले में थम नहीं रहा है। इसी प्रकार का एक मामले में रावणवाड़ी पुलिस थाने को गुप्त जानकारी प्राप्त होने के पश्चात उसके आधार पर ग्राम खातिया में चल रही नकली शराब फैक्ट्री पर छापा मार कार्रवाई कर 3,13829 रुपए की देसी विदेशी शराब जप्त कर पांच आरोपियों को हिरासत में लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 अक्टूबर महात्मा गांधी जयंती के दिन रावणवाड़ी पुलिस थाने को गुप्त जानकारी प्राप्त हुई कि ग्राम खातिया में ग्राम निवासी सुभाष रामचंद्र पालीवाल यह अपने घर में नकली शराब बनाने की फैक्ट्री चला रहा है। जिसमें देसी विदेशी शराब बनाकर बड़े पैमाने पर स्टाक किया गया है। जिसके पश्चात रावणवाड़ी पुलिस द्वारा नकली शराब फैक्ट्री पर छापा मार कार्रवाई की गई।जिसमें करीब 100अधिक देसी शराब के बक्से वह विदेशी शराब में मेकडॉल नंबर वन व आईबी के करीबन 200 निर्मित शराब के बक्से जप्त किए गए। इसके साथ अन्य साहित्य भी जप्त किया गया इस प्रकार कुल 3,13829 की नकली शराब सहित सामग्री जप्त की गई तथा नकली शराब का निर्माण करने वाले पांच आरोपियों को हिरासत में लिया गया जिसमें सुभाष चंद्र दिनेश चंद्र पालीवाल, राजेश सुनील यादव, संदीप आमोद चंद्रिकापुरे, तरुण राजेश टैंभूरने, प्रकाश गोवर्धन अग्रवाल का समावेश है।
उन पर रावणवाड़ी पुलिस थाने में मामला दर्ज कर भादवि की धारा 328 सहायक धारा 65ब,क,ड,फ महाराष्ट्र शराबबंदी कानून के तहत मामला दर्ज कर तथा सभी पांचों आरोपियों को गोंदिया न्यायालय में पेश किया गया जहां उन्हें 7 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा गया तथा उपरोक्त मामले की जांच रावणवाड़ी पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक सुनील अंभूरे द्वारा की जा रही है।
आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह
गोंदिया जिले में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से निर्माण कर नकली शराब की बिक्री की जाती है। इसके साथ ही महुवा की कच्ची शराब भी ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बनाई जाती है किंतु गोंदिया जिले का आबकारी विभाग इन सभी गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है जिससे गोंदिया जिला आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह निर्माण हो रहा है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नकली शराब का निर्माण करने वाले व कच्ची शराब का निर्माण करने वालों से बड़े पैमाने पर वसूली कर उन्हें आबकारी विभाग का संरक्षण प्राप्त है। जिससे बेरोकटोक जिले में नकली शराब का निर्माण होने के साथ ही जिला नकली शराब का गढ़ बन चुका है।
उल्लेखनीय है कि गत 4 माह से गोंदिया जिला आबकारी अधीक्षक का पद प्रभारी के भरोसे से भरोसे चल रहा है। इसके पूर्व आबकारी अधीक्षक प्रवीण तांबे कार्यरत थे जिनका तबादला होने के पश्चात भंडारा के अधीक्षक को प्रभार सौंपा गया है वह महीनें में कुछ ही दिन गोंदिया आते हैं।

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