स्कूल बंद; विद्यार्थी माता-पिता को खेती में कर रहे मदद ,देवरी तहसील के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में दिख रही यह तस्वीर

बुलंद गोंदिया। (देवेंद्र सेलोकर देवरी)- कोरोना के कारण फिलहाल सभी स्कूल बंद हैं, ऐसे में स्कूल बंद होने से ग्रामीण किसानों के बच्चे खेतों में काम करते नजर आ रहे हैं। जिससे परिवार को खेत के काम के लिए बच्चे की मदद मिल रही है। हालांकि देवरी तहसील के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावकों ने स्कूलों के बंद होने के कारण अपने बच्चों की शैक्षिक हानि पर दुख व्यक्त किया है। वर्तमान में, तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर कृषि बुवाई शुरू हो गई है और धान और सब्जी की फसल लगाई जा रही है। देवरी तहसील में स्कूली बच्चे अपने परिवारों की खेती में मदद करते हुए दिख रहे है।
चूंकि स्कूल फिलहाल बंद है, इसलिए बच्चे फील्ड वर्क में परिवार की मदद कर रहे हैं। साथ ही किसान के लिए बुवाई का मौसम भी बहुत महत्वपूर्ण होता है।किसानों द्वारा समय पर बुवाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। किसान समय पर बुवाई सुनिश्चित करने और अपने परिवार की उत्पादकता बढ़ाने के उपायों की योजना बना रहा है। इसके अलावा, जब से स्कूल बंद है, बच्चे अपने माता-पिता को खेत में खाद और घर के विभिन्न कामों में मदद कर रहे हैं। वर्तमान में कृषि कार्य के लिए मजदूरी बढ़ गई है और किसानों को समय पर काम करने के लिए श्रमिक नहीं मिल रहा है। वहीं अभिभावकों का कहना है कि चूंकि स्कूल फिलहाल बंद है, इसलिए खेती में परिवार की मदद के लिए बच्चों ने काफी योगदान दिया है. कोरोना के चलते सभी स्कूल बंद थे और बच्चे खाली घूमते नजर आए। इसलिए उनके पास घर का कोई काम नहीं है इसलिए बच्चे मोबाइल पर गेम खेल रहे हैं, मोबाइल पर गेम खेलने के चलते वह इतने आलसी हो रहे थे कि इसके चलते उन्हें खाने-पीने का भी होश नहीं रहता था।
बच्चे को मोबाइल के शौक से भी बचाया जा रहा और मिल रहा कृषि का ज्ञान
कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन में स्कूलों के बंद होने पर बच्चों को सुबह उठते से ही चाय नाश्ता करने के पश्चात मोबाइल में गेम खेलने की आदत लग गई थी जिसके चलते हुए घर में क्या हो रहा है तथा घरों के क्या काम करना है इसकी भी जानकारी नहीं होती थी लेकिन अब कृषि कार्य में परिजनों का सहयोग करने से उनकी मोबाइल पर गेम खेलने की आदत पर लगाम लगी है साथ ही भावी पीढ़ी को कृषि का ज्ञान प्राप्त हो रहा है जिसके चलते अब वह बच्चे खुशी खुशी कृषि का कार्य अपने परिवार के साथ करने पहुंच रहे हैं तथा वर्तमान समय में शुरू हो चुके कृषि कार्य में वह पूरी तरह रंग चुके हैं जिससे उनके परिजनों में भी आनंद निर्माण हो रहा है।

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